इश्क का असर

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मौसम-ए-इश्क का असर
कुछ तो हुआ हमपर
जो बर्बाद होकर भी
रास्तों में किसी को
हम ढूंढा किये अक्सर


खुद को बुलंद कर कहता हूँ
मिल जाये तो नजर फेर लूँगा
मुस्कराहट को
आने न दूंगा होंठों पर
शिकन कम न होगी माथे की


मगर नजर फेरने को भी
जरूरी है
कभी रास्तों पर भी
वो आये तो नजर

40 टिप्‍पणियां:

Dr Varsha Singh ने कहा…

मगर नजर फेरने को भी जरूरी है
कभी रास्तों पर भी वो आये तो नजर


बहुत सुन्दर लिखा है आपने ! गहरे भाव और अभिव्यक्ति के साथ ज़बरदस्त प्रस्तुति!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

नजर फेरने को भी
जरूरी है
कभी रास्तों पर भी
वो आये तो नजर.... waah

इमरान अंसारी ने कहा…

वाह......वाह..सुभानाल्लाह....आखिरी पंक्तियों ने तो दिल जीत लिया.....वाह|

संजय भास्कर ने कहा…

इस खूबसूरत कविता को पढकर बस एक शब्द कहा जा सकता है -- आमीन!

प्रतीक माहेश्वरी ने कहा…

अहा! क्या खूब अंत किया है कविता का.. सटीक!

आभार
तेरे-मेरे बीच पर आपके विचारों का इंतज़ार है...

sm ने कहा…

कभी रास्तों पर भी
वो आये तो नजर

बहुत सुन्दर

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

वाह अनिल जी,
खुबसूरत अभिव्यक्ति....
सादर...

Roshi ने कहा…

बहुत ही सुंदर भाव की सार्थक रचना

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

अवतार भाई,
दिल खुश कर दिया आपने अपनी भोजपुरी में टिपण्णी से, आभार आपका!
आब भी कुछ कम् नहीं हैं, क्या कमाल की सोच है आपकी इस रचना में, कम से कम नज़र तो आये, तभी तो नज़र फेरेंगे!
उम्दा लिखा है आपने, मैंने तो आपका फोलोवर बन गया हूँ सो अब आता रहूँगा आप जब भी कोई रचना लिख्नेगे, आप भी आते रहिएगा!

संजय भास्कर ने कहा…

अवतार भाई,
खूब अंत किया है कविता का
DEKHA BHAI
DOBARA PADHNE CHALA AAYA

Kunwar Kusumesh ने कहा…

कमाल का लिखा है आपने .मज़ा आ गया.

Kailash C Sharma ने कहा…

मगर नजर फेरने को भी
जरूरी है
कभी रास्तों पर भी
वो आये तो नजर

.....बहुत खूब ! सुन्दर अभिव्यक्ति..शुभकामनाएं !

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति वाह!

Kunwar Kusumesh ने कहा…

आपको भी नवरात्रि की ढेरों शुभकामनायें.

mridula pradhan ने कहा…

alag andaz hai.......bahut sunder.

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…

aapki ye hasrat jarur puri hogi..lekin koi bhi khwaish jab puri ho tab mathe ki sikan kam kar lena chahiye..behtarin ..aap mere blog per aaye aaur hausla afjayee ki iske liye hardik dhanyawad..

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…

aapki ye hasrat jarur puri hogi..lekin koi bhi khwaish jab puri ho tab mathe ki sikan kam kar lena chahiye..behtarin ..aap mere blog per aaye aaur hausla afjayee ki iske liye hardik dhanyawad..

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत खूब अवतार जी ... नज़र फेरने के लिए नज़र आना जरूरी है ... लाजवाब ...
नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं ...

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…





अनिल अवतार
जी बहुत ख़ूबसूरत ब्लॉग … और ये हसीं जज़बात !
क्या बात है …

… आएंगे वो रास्तों पर नज़र भी … :)


आपको सपरिवार
नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

-राजेन्द्र स्वर्णकार

ZEAL ने कहा…

interesting presentation.

Amrita Tanmay ने कहा…

क्या खूब अन्दाज़ है..शक्ति-स्वरूपा माँ आपमें स्वयं अवस्थित हों .शुभकामनाएं.

Rachana ने कहा…

खुद को बुलंद कर कहता हूँ
मिल जाये तो नजर फेर लूँगा
मुस्कराहट को
आने न दूंगा होंठों पर
शिकन कम न होगी माथे की
bahut hi sunder bhav
badhai
aapko aur aapke pure parivar ko navratri ki shubhkamnayen
rachana

Prakash Jain ने कहा…

कभी रास्तों पर भी
वो आये तो नजर....

umda...amar aasha chupi hai...nazar ferte rahiye...kalam chalate rahiye
kaun jaane sundar panktiyan khayalon mein aa jaaye bekhabar

www.poeticprakash.com

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

बहुत सुन्दर

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

आपको मेरी तरफ से नवरात्री की ढेरों शुभकामनाएं. .
जय माता दी..

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

नजर फेर देने ही से बदल गया
वरना शाम का मौसम बड़ा सुहाना था.

आखिरी बात ने दिल लूट लिया.

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत ही सुंदर भाव की सार्थक रचना|
नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं|

विशाल ने कहा…

मगर नजर फेरने को भी
जरूरी है
कभी रास्तों पर भी
वो आये तो नजर

बहुत खूब.
मज़ा आ गया पढ़कर.

वर्ज्य नारी स्वर ने कहा…

सुन्दर पोस्ट. हार्दिक शुभकामना दुर्गा पूजा की.

Dr Varsha Singh ने कहा…

नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं ...

amrendra "amar" ने कहा…

नजर फेरने को भी
जरूरी है
कभी रास्तों पर भी
वो आये तो नजर.
सुंदर भाव..खूबसूरत अभिव्यक्ति

नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

Santosh Kumar ने कहा…

इश्क का बडा जालिम असर है...
बड़ा बेचैन है दिल, भटकता शाम-ओ-सहर है..
बहुत अच्छी रचना है.. काश ! की मैं भी वज्जिका में टिप्पणी कर पता.
दुर्गा-पूजा की शुभकामनाएँ.

Anil Avtaar ने कहा…

A lot of thanks to..

Dr. Varsha Singh Ji...
Rashmi Prabha Ji...
Imraan Ansaari Ji...
Sanjay Bhaskar Ji...


Thanks to appreciating me..

Anil Avtaar ने कहा…

A lot of thanks to..

Prateek Maheshwari Ji.
S.M. Sahab..
S.M. Habib Sahab..
Roshi Ji..

Thanks to appreciating me..

Anil Avtaar ने कहा…

A lot of thanks to..

Surendra mulhid Ji..
Kunwar Kushumesh Ji..
K.C. Sharma Ji..
Chandra Bhushan Mishra "Gaafil" Ji..

Thanks to Appreciating me...

Anil Avtaar ने कहा…

A lot of thanks to..

Mridula Pradhan Ji..
Dr. Ashu Ji..
Digambar Nasawa Ji..
Rajendra Swarnakaar Ji..

Thanks to appreciating me..

Anil Avtaar ने कहा…

A lot of thanks to''

Zeal Ji..
Amrita Tanmay Ji..
Rachna Ji..
Prakash Jain..

Many-many thanks to appreciating me..

Anil Avtaar ने कहा…

A lot of thanks to..

Sawai Singh Raajpurohit Ji..
Arun Kr. Nigam Ji..
Patali-The-Village Ji..
Vishaal Ji..

Many-many thanks to appreciating me..

Anil Avtaar ने कहा…

A lot of thanks to..

Varjya Naari Swar Ji..
Amrendra Amar Ji..
Santosh Kumar Ji..

Many-many thanks to appreciating me..

Anil Avtaar ने कहा…

In this festival season, I was wished by a number of blogger-friends.. It is really a festival-gift for me..

I wish all of u..
*Happy Navratra* "2011"