तेरा रूमाल बदलना

नजर आ रहा है,
करना नजर अंदाज तेरा...
तेरी आदतों में शुमार....
नयी दरख्तों पर चढ़ना
पग-पग डाल बदलना

हम होते रहे  फनाह,
तेरी मासूमियत से रंगी चादर पर..
उतरती  चादर दिख जाता
तेरे रंगे चेहरे का मौसम..
तय जिसे - हर हाल बदलना
हर महीने, हर साल बदलना

नजर आ रही है  
कलाबाजी तेरी बातों की..
तेरी फितरतों में शामिल....
हर घडी ख्याल बदलना

हम होते हैं दूर तो तेरे - अंदाज दिलकश
दिलकश तेरी अदाएं,
तेरे दिखाए - ख्वाब दिलकश 

सामने होते तो - करते हैरान,
वो गुफ्तगू का दौर... 
और तेरा - सवाल बदलना 

तेरी आदतों में शुमार.....
नए - नए रूमाल बदलना  

     

15 टिप्‍पणियां:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

हम होते रहे फनाह,
तेरी मासूमियत से रंगी चादर पर..bahut hi achhi lagti yah pankti

Neeraj Dwivedi ने कहा…

Bahut hi sarthak rachna, ek bahut acchi koshish.

Anil Avtaar ने कहा…

Rashmi Ji..
Dwivedi Ji..

Bahut- bahut dhanyawaad aapka.. Aapki pratikriyaon evam jaroori sujhavon ka mujhe hamesha intijar rahega..

Dhanyawaad..

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल कल 11 - 08 - 2011 को यहाँ भी है

नयी पुरानी हल चल में आज- समंदर इतना खारा क्यों है -

वाणी गीत ने कहा…

मासूमियत की रंगी चादर पर होते रहे फ़ना ...
सुन्दर अभिव्यक्ति !

ana ने कहा…

तेरी आदतों में शुमार..... नए - नए रूमाल बदलना
wah....sundar rachana

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत ही बढि़या ।

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया सर ।

सादर

POOJA... ने कहा…

नजर आ रही है
कलाबाजी तेरी बातों की..
तेरी फितरतों में शामिल....
हर घडी ख्याल बदलना

हम होते हैं दूर तो तेरे - अंदाज दिलकश
दिलकश तेरी अदाएं,
तेरे दिखाए - ख्वाब दिलकश


waah... bahut khoob...

Rakesh Kumar ने कहा…

बहुत खूब.
सुन्दर अभिव्यक्ति.
नयी पुरानी हलचल से आपकी पोस्ट का
लिंक मिला.आपकी पोस्ट पढकर अच्छा लगा.
आभार.

समय निकालकर मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.

मो. कमरूद्दीन शेख ने कहा…

समसामयिक विचारधारा और मजबूरियों को उद्घाटित करती हुई अच्छी रचना। बधाई। माफ कीजिएगा एक शब्द खटका फनाह, मेरे खयाल से सही शब्द है फना।

वन्दना ने कहा…

वाह ……………बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति।

Anil Avtaar ने कहा…

Sangeeta Swaroop Ji..

Vani Ji..

Ana Ji..

Sada Ji..

Mathur Sahab..

Pooja Ji..

Shekh Sahab aur

Vandana Ji..


Aaj to main dhanya huaa. Humare aangan mein aakar aapne mujhe dhanya kar diya.. Mera haunsala char guna jyada badh gaya hai.. Bahut-bahut shukriya aap sabhi ka..

Prakash Jain ने कहा…

Anilji...behtarin..

Kailash Sharma ने कहा…

हम होते रहे फनाह,
तेरी मासूमियत से रंगी चादर पर..

...बहुत सुन्दर...